गोंडा। करनैलगंज के शिव नारायण सिंह इंटर कॉलेज की प्रदेश शासन द्वारा जारी मान्यता निरस्तीकरण के आदेश पर रोक लगाते हुए हाईकोर्ट ने कॉलेज को पूर्व की भांति संचालित करने की अनुमति दे दी है।
ग्राम लालेमऊ स्थित गाटा संख्या 128 पर ई निर्मित भवन को एक अप्रैल 2016 को मान्यता प्रदान की गई थी। मगर वर्ष 2017 की भयंकर बाढ़ में विद्यालय भवन गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया। चारदीवारी भी ढह गई। इसके बाद 20 मार्च 2020 में – विद्यालय प्रबंधक ने जिला विद्यालय । निरीक्षक को सूचित कर गाटा संख्या 396 पर बनाए गए नए भवन में कॉलेज संचालित करने की अनुमति मांगी, लेकिन कोई आदेश जारी नहीं हुआ।
इस पर प्रबंधक ने हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में याचिका दायर की, जिसके बाद
न्यायालय ने तीन माह में प्रत्यावेदन निस्तारित करने का आदेश दिया। मामले की जांच कर मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक ने जुलाई 2021 में शासन को पत्र भेजकर बताया कि मूल भवन बाढ़ में क्षतिग्रस्त हो गया है और छात्रहित में स्थान परिवर्तन का अनुरोध विचारणीय है। मान्यता समिति ने भी नए स्थल को मान्यता देने की संस्तुति की।
इसके बावजूद शासन ने 24 सितंबर 2025 को यह कहते हुए मान्यता प्रत्याहरण की संस्तुति कर दी कि विद्यालय के स्थान परिवर्तन का कोई प्रावधान नहीं है। इस
आदेश को चुनौती देते हुए प्रबंधक ने हाईकोर्ट में पुनः याचिका दायर की।
सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी ने उपलब्ध तथ्यों, मान्यता समिति की संस्तुति और छात्रहित को ध्यान में रखते हुए शासन के आदेश के क्रियान्वयन पर रोक लगा दी। हाईकोर्ट ने कहा कि शिव नारायण सिंह इंटर कॉलेज की मान्यता पूर्ववत मानी जाएगी और विद्यालय का संचालन जारी रहेगा। न्यायालय ने इस मामले की सुनवाई के लिए जनवरी 2026. में सूचीबद्ध करने का आदेश दिया है।
वहीं नैशनल करप्शन कंट्रोल के स्टेट प्रेसिडेंट गंगेश सिंह ने एक खास बातचीत के दौरान बताया कि विद्यालय संबंधित प्रकरण, विद्यालय परिवार के द्वारा NCCHWO के संज्ञान में कराए जाने के बाद NCCHWO हेडऑफिस द्वारा चीफ सेक्रेट्री के निर्देशन में गठित टीम के साथ पूरे मामले की तह तक जाकर इन्वेस्टिगेशन की एवं रिपोर्ट ऊपर भेजी चूंकि मामला श्री सिंह के गृह जनपद का और क्षेत्रीय था इसलिए उन्होंने कम समय में ही पूरे मामले का निचोड़ निकाल लिया।
शिकायत कर्ता सरकारी कोटे की दुकान लेना चाहता था परंतु उसके आचार व्यवहार को देखते हुए मौजूदा प्रधान रहे विद्यालय प्रबंधक के भाई ने उक्त को इस कार्य के लिए नकार दिया इसी कारण से व्यक्तिगत शिकायत को जनहित कार्य का नाम देने का कुत्सित प्रयास किया गया।
चूंकि इन शिकायतों का जन हित से कोई तात्पर्य नहीं था सिर्फ आपसी रंजिश और द्वेष भावना से शिकायतें की गई थीं। करनैलगंज में अनुशासन और शिक्षा का स्तर शिव नारायण सिंह इंटर कॉलेज में बहुत ही उन्नत किस्म का है जिससे कम समय में ही शिवनारायण सिंह इंटर कालेज ने बड़ा नाम कमा लिया।
श्री सिंह ने आगे बताते हुए कहा कि चूंकि पूरी शिकायत सिर्फ आपसी द्वेष और रंजिश के तहत थी तथा जन हित और करप्शन से कोई वास्ता दूर दूर तक नहीं था।
इसलिए हमारी टीम ने रिपोर्ट हेड ऑफिस को भेजकर माननीय चीफसेक्रेट्री साहब को भी पूरे मामले से अवगत करवाया।
तथा यह भी बताया कि विद्यालय की शिक्षा व्यवस्था बहुत ही उत्तम स्तर की है । अच्छे योग्य और अनुभवी शिक्षकों के साथ बच्चों में अनुशासन और उनकी प्रतिभाओं को निखारने का बेहतर प्रयास विद्यालय प्रबंधन के द्वारा किया जाता रहा है।
जिनके कुछ प्रोग्रामों का मैं स्वयं साक्षी हूं।
वहीं डीपी सिंह राठौर ने बताया कि ये विद्यालय समाज को एक नई दिशा देने का कार्य कर रहा है। जहां से पढ़कर बच्चे नेवी, आर्मी, सिविल सर्विस, प्रोफेसर,मैनेजर, रेलवे आदि प्रतिष्ठित संस्थानों में कार्यरत हैं।
ऐसा कोई ताला नहीं बना जो लक्ष्य पर लगाया जा सके।
ये विद्यालय समाज का उगता हुआ सूरज है उगते सूर्य को बादल कभी उगने से नहीं रोक सकते।









