लखनऊ के ग्राम बक्कास में वंचित महिलाओं के लिए एक बड़ी खुशखबरी आई है। NCCHWO की प्रदेश प्रभारी सुनीता सिंह एवं टीम के लंबे प्रयासों के बाद खादी ग्रामोद्योग की ओर से इन महिलाओं के लिए मिट्टी के बर्तन (कुम्हकारी) बनाने की इलेक्ट्रिक मशीनें प्राप्त हुई हैं।
*आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम*
NCCHWO और खादी ग्रामोद्योग की संयुक्त पहल से इन महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कुम्हकारी विशेषज्ञ की व्यवस्था भी की गई है। इससे इन महिलाओं को न केवल रोजगार के अवसर मिलेंगे, बल्कि वे अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को भी मजबूत बना सकेंगी।
*सरकारी योजना का हिस्सा*
यह पहल सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार की ग्रामोद्योग विकास योजना (GVY) के अंतर्गत की गई है। इस योजना के तहत 10 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किया गया है, जिसमें इन महिलाओं को कुम्हकारी के नए गुर सिखाए जाएंगे।
*महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव*
इस पहल से ग्राम बक्कास की वंचित महिलाओं को आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम उठाने का अवसर मिलेगा। इससे न केवल वे अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत बना सकेंगी, बल्कि समाज में भी अपनी एक अलग पहचान बना सकेंगी। NCCHWO के प्रयासों से इन महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव आने की उम्मीद है।








