दुनियाभर में हजारों उड़ानों पर असर पड़ने की आशंका है क्योंकि यूरोपीय एयरोस्पेस कंपनी एयरबस ने शुक्रवार (28 नवंबर 2025) को बताया कि उसकी सबसे ज्यादा बिकने वाली A320 फैमिली के विमानों को तुरंत सॉफ्टवेयर अपडेट और कुछ मामलों में हार्डवेयर बदलाव की जरूरत है।
दुनिया में सबसे अधिक इस्तेमाल होने वाली जेट सीरीज Airbus A320 को एक गंभीर तकनीकी समस्या का सामना करना पड़ रहा है, जिससे वैश्विक एविएशन सेक्टर में हड़कंप मच गया है। भारत समेत कई देशों की एयरलाइंस इस संकट का सामना कर रही हैं। एयरबस ने अचानक A320 मॉडल के लगभग 6,000 विमानों को तुरंत रिपेयर के लिए बुलाने का आदेश दिया है।
यह एविएशन इतिहास में सबसे बड़े रीकॉल में से एक माना जा रहा है। इंडिगो, एअर इंडिया और दुनिया की कई अन्य एयरलाइंस को अपनी फ्लाइटें रद्द करनी पड़ीं और कई हवाई अड्डों पर अफरातफरी की स्थिति बन गई।
#WATCH | Delhi: Several airlines, including IndiGo and Air India, will face disrupted operations as Airbus' analysis of a recent event involving an A320 Family aircraft has revealed that intense solar radiation may corrupt data critical to the functioning of flight controls.… pic.twitter.com/UFOLklFGyJ— ANI (@ANI) November 29, 2025
समस्या क्या है?
एयरबस के अनुसार, सूर्य से आने वाली तेज रेडिएशन (Solar Radiation) फ्लाइट कंट्रोल सिस्टम के अहम कंप्यूटर में डेटा को नष्ट कर सकती है। इससे विमान के ‘नोज एंगल’ को नियंत्रित करने वाली प्रणाली गलत संकेत दे सकती है, जो उड़ान के दौरान गंभीर जोखिम पैदा कर सकता है।
हालिया जाँच में पता चला कि A320 के फ्लाइट कंट्रोल डेटा में गड़बड़ी (data corruption) सौर विकिरण के कारण हो सकता है। यह समस्या मुख्यतः विमान के क्रूजिंग फेज के दौरान सामने आती है।
एयरबस ने तुरंत सभी प्रभावित विमानों के लिए सॉफ्टवेयर अपडेट अनिवार्य कर दिया है। एयरलाइंस और ऑपरेटर्स को निर्देश दिया गया है कि वे अपडेटेड सॉफ्टवेयर इंस्टॉल करें और उड़ान के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतें। इस अपडेट के कारण कुछ समय के लिए वैश्विक उड़ानों में व्यवधान हो सकता है लेकिन एयरबस का कहना है कि यह कदम सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बेहद जरूरी है।
कंपनी ने चेतावनी दी है कि यह अपडेट अगली उड़ान से पहले करना जरूरी होगा, क्योंकि हाल ही में सामने आई जानकारी के मुताबिक तेज सौर विकिरण (Solar Radiation) उड़ान नियंत्रण से जुड़े महत्वपूर्ण डेटा को प्रभावित कर सकता है। शुरुआती अनुमान के अनुसार यह फैसला दुनियाभर में हजारों विमानों और भारत में लगभग 300 विमानों को प्रभावित करेगा।
भारत में असर: IndiGo और Air India की सबसे ज्यादा उड़ानें प्रभावित
भारत में A320 फैमिली का सबसे बड़ा ऑपरेटर IndiGo है, जिसके पास लगभग 370 विमान हैं। वहीं Air India के पास 127 और उसकी सस्ती सेवा Air India Express के पास 40 A320 विमान हैं। इनका बड़ा हिस्सा अपडेट की जरूरत वाली सूची में शामिल है।
चूँकि, यह विमान एक दिन में कई उड़ानें संचालित करते हैं, इसलिए कुछ घंटों की ग्राउंडिंग का असर तुरंत शेड्यूल पर पड़ेगा। भारतीय एयरलाइंस का अनुमान है कि सभी प्रभावित विमानों में सॉफ्टवेयर बदलाव 2–3 दिनों में पूरा हो जाएगा।
सौर विकिरण से उड़ान नियंत्रण सिस्टम पर खतरा
Airbus के अनुसार, हाल ही में एक A320 विमान में अचानक अनचाहे तरीके से विमान के पिच (Pitch) में गिरावट दर्ज की गई, हालाँकि ऑटोपायलट चालू था और विमान सुरक्षित लैंड हो गया। जाँच के दौरान यह पाया गया कि ELAC (Elevator Aileron Computer) में खराबी आई थी, जो उड़ान के दौरान पायलट के नियंत्रण आदेशों को प्रोसेस करता है।
Airbus ने चेतावनी दी कि यह समस्या अगर ठीक नहीं की गई, तो किसी उड़ान में अनचाहे तरीके से विमान के पिछले हिस्से की मूवमेंट हो सकती है, जिससे विमान की संरचनात्मक सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है।
दुनियाभर की एयरलाइंस पर कितना असर?
Airbus की घोषणा के तुरंत बाद European Union Aviation Safety Agency (EASA) ने एक आपात निर्देश जारी कर सभी ऑपरेटरों को यह बदलाव अगली उड़ान से पहले लागू करने का आदेश दिया। दुनियाभर में 11,000 से अधिक A320 फैमिली विमान सेवा में हैं और अनुमान है कि इनमें से आधे से ज्यादा प्रभावित होंगे।
भारत से लेकर यूरोप, अमेरिका और न्यूजीलैंड तक एयरलाइंस इस प्रक्रिया में शामिल हैं। एअर इंडिया ने स्वीकार किया है कि उनके कई विमानों में अपडेट किए जा रहे हैं, जिससे turnaround time बढ़ेगा और शेड्यूल प्रभावित होगा।
अमेरिका की सबसे बड़ी ऑपरेटर अमेरिकन एयरलाइंस ने बताया कि उसके 480 A320 में से 340 विमान जल्द अपडेट हो जाएँगे। वहीं दक्षिण अमेरिका की एवियांका एयरलाइन ने बताया कि उसका 70% बेड़ा प्रभावित है और उसने कुछ तारीखों पर टिकट बिक्री रोक दी है।
लुफ्थांसा, ईजीजेट और अन्य एयरलाइंस भी अपडेट के दौरान अस्थायी रूप से विमान ग्राउंड कर रही हैं। यह पूरी स्थिति ऐसे समय में सामने आई है जब कुछ हफ्ते पहले ही A320 ने बोइंग 737 को पीछे छोड़ते हुए दुनिया में सबसे ज्यादा डिलीवर किए जाने वाले विमान का खिताब हासिल किया था। अब यह समस्या वैश्विक विमानन उद्योग के लिए एक बड़ी परीक्षा बन चुकी है।
एयरलाइंस की प्रतिक्रिया: सुरक्षा सर्वोच्च, यात्रियों से माफी
एयरलाइंस ने स्थिति पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सुरक्षा सर्वोपरि है और वे Airbus के निर्देशों का पालन कर रही हैं। IndiGo ने कहा कि वह Airbus के साथ मिलकर सभी तकनीकी प्रक्रियाओं को लागू कर रहा है और कोशिश की जा रही है कि यात्रियों को कम से कम असुविधा हो।
कंपनी ने बताया कि यह स्थिति अप्रत्याशित है और इससे कुछ उड़ानों में देरी संभव है, लेकिन यात्रियों की सुरक्षा किसी भी अन्य चीज से पहले आती है। इसी तरह Air India ने भी बताया कि यह तकनीकी बदलाव उनकी फ्लीट के एक हिस्से को प्रभावित करेगा और इससे turnaround समय बढ़ेगा, जिसके कारण देरी और शेड्यूल प्रभावित होना तय है।
हालाँकि कंपनी ने कहा कि वह स्थिति को सँभालने और यात्रियों को अपडेट रखने के लिए सभी कदम उठा रही है और जितनी जल्दी हो सके बदलाव पूरे किए जाएँगे। Air India Express ने भी कहा कि उसने तुरंत तकनीकी जाँच और अपडेट की प्रक्रिया शुरू कर दी है और जहाँ जरूरत होगी वहाँ उड़ानों में बदलाव या उसे अस्थाई रुप से रद्द किया जाएगा।
यह स्थिति अस्थाई है लेकिन जब तक सभी विमान अपडेट नहीं हो जाते, तब तक वैश्विक और भारतीय उड़ानों पर असर जारी रहने की संभावना है।







