अमेरिका ने भारत के लिए 93 मिलियन डॉलर (लगभग 822 करोड़ रुपए) के रक्षा सौदे को मंजूरी दे दी है। इस पैकेज में भारत को 100 FGM-148 जेवलिन एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइलें, 25 लाइटवेट कमांड लॉन्च यूनिट्स (CLU) और 216 M982A1 एक्सकैलिबर प्रिसिजन-गाइडेड आर्टिलरी राउंड्स मिलेंगे।
The State Department has made a determination approving a possible Foreign Military Sale to India of Excalibur Projectiles and related equipment for an estimated cost of $47.1 million. The Defence Security Cooperation Agency delivered the required certification notifying… pic.twitter.com/EVCgfudI5o— ANI (@ANI) November 20, 2025
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, डिफेंस सिक्योरिटी कोऑपरेशन एजेंसी (DSCA) ने अमेरिकी कॉन्ग्रेस को इसकी सूचना दे दी है। सौदे में ट्रेनिंग, स्पेयर पार्ट्स, लाइफसाइकल सपोर्ट, सिमुलेशन राउंड्स और तकनीकी सहायता भी शामिल है।
अमेरिका ने क्या कहा?
DSCA का कहना है कि यह सौदा न सिर्फ भारत की सैन्य क्षमता को मजबूत करेगा, बल्कि अमेरिका-भारत रणनीतिक साझेदारी को भी और गहरा बनाएगा। एजेंसी के मुताबिक, ये हथियार भारत को मौजूदा और भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों से निपटने, अपनी सीमाओं की बेहतर रक्षा करने और क्षेत्रीय खतरों को प्रभावी ढंग से रोकने में मदद करेंगे।
अमेरिका ने साफ किया है कि इस बिक्री से क्षेत्रीय सैन्य संतुलन पर कोई असर नहीं पड़ेगा। साथ ही, किसी ऑफसेट व्यवस्था की जानकारी नहीं है। ऐसा कोई समझौता भविष्य में भारत और निर्माता कंपनियों के बीच अलग से किया जा सकता है।
जेवलिन मिसाइल सिस्टम, जिसे आरटीएक्स और लॉकहीड मार्टिन संयुक्त रूप से बनाते हैं, पैदल सेना को लंबी दूरी पर बख्तरबंद लक्ष्यों को सटीकता के साथ निशाना बनाने की क्षमता देता है। एक्सकैलिबर आर्टिलरी राउंड्स की कीमत करीब 47 मिलियन डॉलर है, जिसे शामिल करने के बाद पूरी डील का मूल्य लगभग 93 मिलियन डॉलर तक पहुँचता है।
क्या है हथियारों की खासियत
FGM-148 जेवलिन एक आधुनिक, कंधे से दागी जाने वाली थर्ड-जेनेरेशन एंटी-टैंक मिसाइल है, जिसे RTX कॉरपोरेशन और लॉकहीड मार्टिन मिलकर बनाते हैं। यह मिसाइल टॉप-अटैक मोड में ऊपर से वार करती है, जहाँ किसी भी टैंक का कवच सबसे कमजोर होता है। इसके कारण यह दुश्मन के बख्तरबंद वाहनों को आसानी से निशाना बना लेती है।
जेवलिन में सॉफ्ट-लॉन्च तकनीक होती है, जिससे इसे इमारतों, बंकरों या किसी बंद जगह के अंदर से भी सुरक्षित तरीके से दागा जा सकता है। एक जैवलिन सिस्टम में एक डिस्पोजेबल लॉन्च ट्यूब और एक रीयूजेबल कमांड लॉन्च यूनिट (CLU) होती है। यह व्यवस्था सैनिकों को तेजी से मिसाइल तैनात करने और फायर करने में मदद करती है।
यह मिसाइल कई युद्ध क्षेत्रों में अपनी क्षमता साबित कर चुकी है, सबसे ज्यादा चर्चा यूक्रेन में हुई, जहाँ इसने बड़ी संख्या में रूसी T-72 और T-90 टैंकों को नष्ट किया। आज यह कई देशों की सेनाओं में सक्रिय रूप से इस्तेमाल की जा रही है।
वहीं Excalibur गोले भारतीय तोपखाने को GPS-आधारित बेहद सटीक निशाना लगाने की क्षमता देते हैं। इससे पहले ही वार में लक्ष्य भेदने की संभावना बढ़ती है और अनचाहे नुकसान (collateral damage) कम होता है।
DSCA ने बताया है कि इस सौदे में प्राइमर, प्रोपेलेंट चार्ज, Portable Electronic Fire Control Systems (PEFCS), Improved Platform Integration Kit (iPIK), तकनीकी सहायता, डेटा, और मरम्मत सेवाएँ भी शामिल हैं।
जेवलिन मिसाइल: आधुनिक युद्ध की सबसे भरोसेमंद ATGM
जेवलिन को दुनिया की सबसे घातक एंटी-टैंक मिसाइल प्रणाली माना जाता है। इसकी लगभग 4 किमी की रेंज और 90% से अधिक की सफलता दर इसे खास बनाती है। इसका ‘फायर-एंड-फॉरगेट’ फीचर सैनिक को लॉन्च के बाद तुरंत सुरक्षित स्थान बदलने की सुविधा देता है।
साथ ही इसका टॉप-अटैक मोड टैंकों को ऊपर से निशाना बनाता है, जहाँ उनकी सबसे कमजोर कवच परत होती है। इन खूबियों के कारण भारतीय सेना को दुश्मन के बख्तरबंद वाहनों के खिलाफ महत्वपूर्ण बढ़त मिलती है।
M982 Excalibur: प्रिसिजन आर्टिलरी का गेम-चेंजर
आर्टिलरी सिस्टम की वास्तविक ताकत उसकी मारक दूरी और वारहेड की क्षमता पर निर्भर करती है। Excalibur इन दोनों में बेहतरीन है। GPS-गाइडेंस के कारण यह सामान्य गोले की तरह बिखरकर नहीं गिरता, बल्कि बेहद सटीक बिंदु पर प्रहार करता है।
इसका हाई-एक्सप्लोसिव ब्लास्ट-फ्रेगमेंटेशन वारहेड मजबूत किलाबंदी, भूमिगत बंकर और मोटी कंक्रीट संरचनाओं को भी ध्वस्त कर सकता है। इसके अलावा, इसमें सेंसर-फ्यूज़्ड वारहेड का विकल्प मिलता है जो ऊपर से हमला करके टैंकों को नष्ट करता है।
क्लस्टर-टाइप बमलेट लगाने का विकल्प इसे बड़े क्षेत्र में नुकसान पहुँचाने में सक्षम बनाता है, खासकर दुश्मन की आर्टिलरी, सपोर्ट वाहनों और आगे बढ़ती टुकड़ियों के खिलाफ। सबसे खास बात यह है कि Excalibur छिपी हुई छोटी लेकिन खतरनाक टीमों, जैसे स्नाइपर, मशीन गन पोजिशन या ATGM लॉन्च टीम पर भी बेहद सटीक वार कर सकता है, जो आधुनिक युद्ध में निर्णायक साबित होता है।







