दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास सोमवार शाम को हुए भयावह धमाके ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी। जानकारी के अनुसार, गेट नंबर-1 के पास खड़ी एक कार में अचानक जोरदार विस्फोट हुआ, जिससे आसपास की दो अन्य गाड़ियां भी आग की चपेट में आ गईं। इस हादसे में 13 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई घायल हुए हैं। घायलों को तुरंत एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
धमाके के बाद मौके पर दमकल की कई गाड़ियां और दिल्ली पुलिस की टीमें पहुंचीं। आग पर काबू पाने में करीब आधे घंटे का समय लगा। पुलिस ने पूरे इलाके को घेर लिया है और सर्च ऑपरेशन जारी है। प्रारंभिक जांच में यह पता नहीं चल सका है कि धमाका सीएनजी लीक की वजह से हुआ या किसी विस्फोटक सामग्री के कारण। जांच एजेंसियां हर एंगल से मामले की पड़ताल कर रही हैं।
दिल्ली फायर डिपार्टमेंट के मुताबिक, धमाका इतना शक्तिशाली था कि आग ने कुछ ही मिनटों में पास की 3 से 4 गाड़ियों को भी नुकसान पहुंचाया। विस्फोट की सूचना मिलते ही आसपास के इलाके में भगदड़ मच गई।
एक चश्मदीद ने बताया कि “धमाका इतना तेज था कि हमारे घर तक हिल गए। दुकानों के शीशे टूट गए और कुछ देर तक कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था। जिस कार में धमाका हुआ, वह आग के गोले में बदल गई।”
घटना के बाद दिल्ली पुलिस कमिश्नर ने सभी सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है। संवेदनशील इलाकों और मेट्रो स्टेशनों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। बम डिटेक्शन स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड को भी जांच में लगाया गया है।
सरकार की ओर से कहा गया है कि धमाके के असली कारण का पता लगाने के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित किया जाएगा। वहीं, प्रधानमंत्री और गृह मंत्री ने घटना की रिपोर्ट मांगी है।
इस घटना से राजधानी में सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ गई है और लोगों में डर का माहौल है। फिलहाल पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना दें।









